The Unexpected gains Diaries
ओम नमो आदेश गुरु का। गिरह-बाज नटनी का जाया, चलती बेर कबूतर खाया, पीवे दारू खाय जो मांस, रोग-दोष को लावे पांस। कहां-कहां से लावेगा ? गुदगुद में सुद्रावेगा, बोटी-बोटी में से लावेगा, चाम-चाम में से लावेगा, नौ नाड़ी बहत्तर कोठा में से लावेगा, मार-मार बंदी कर लावेगा। न लावेगा तो अपनी माता की सेज पर पग रखेगा। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा।
तो चलिए विस्तार से जानते हे शाबर मंत्र साधना कैसे की जाती हे और इसका प्रयोग कैसे किया जाता हे उसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हे,
साधना के दौरान सभी तांत्रिक विधियों का पालन करें।
धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष
श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम
गुरु की भूमिका:- शाबर मंत्रों की सिद्धि के लिए गुरु से दीक्षा लेना आवश्यक है। गुरु के निर्देशों का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन करें।
पतने पानी करे। गुआ करे। याने करे। सुते करे।
कोई साधक अगर किसी भी शक्ति की साधना करना चाहता हे या वशीकरण साधना या मोहिनी साधना करना चाहता है तो हम साधक को गुरुमुखी साधना देंगे और जब तक सिद्धि न मिले तब तक हम उसको मार्गदर्शन करेंगे सिद्धि प्रदान कराएंगे (महाकाली साधना नरसिंह साधना भैरव साधना कोई भी दस महाविधा की साधना यक्षणी साधना जिन्न साधना भूतनी साधना डाकिनी शाकीनी साधना वशीकरण साधना मोहिनी साधना और हमारे पास कई सारी गुप्त साधना हे जिसका जिक्र यहां नहीं कर सकते
हिंदू धर्म में ऐसी कई किताबों का उल्लेख है जिसमें असंख्य शक्तिशाली मंत्र दिए गए हैं जिसका चमत्कार समय-समय पर देखने को मिल जाता है.
हिंदू धर्म ने दुनिया को कई सौगातें दी हैं, जिनमें तंत्र विद्या, ज्योतिष, योग विद्या, शल्य चिकित्सा जैसी कई विद्या शामिल है
इस तरह साधक शाबर मंत्र साधना करके इस मंत्र को सिद्ध कर सकता हे और किसीकी परेशानी को दूर कर सकता हे,मेरा सभी साधक मित्रो से read more बस यही कहना हे की कोई भी साधना करो पर किसी व्यक्ति के भले काम के लिए उस साधना का इस्तेमाल करना चाहिए अगर किसीका बुरा करोगे तो खुद आपका बुरा होगा,किसीका अच्छा ना कर सको तो कुछ नहीं पर किसीका बुरा मत करना बस आप साधक मित्रो से मेरा यही ही निवेदन हे.
साधना काल में धूम्रपान या कोई अन्य नशा आदि न करें।
साधना काल में शुद्ध देशी घी का अखण्ड दीपक जलायें।
साधना के लिए एकांत और शुद्ध स्थान का उपयोग करें।